Divakar Rahi

Divakar Rahi

@divakar-rahi

Divakar Rahi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Divakar Rahi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब तो उतनी भी मुयस्सर नहीं मय-ख़ाने में जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में — Divakar Rahi
वक़्त बर्बाद करने वालों को वक़्त बर्बाद कर के छोड़ेगा — Divakar Rahi

Ghazal

हज़ारों बार कह कर बे-वफ़ा को बा-वफ़ा मैं ने बताया है ज़माने को वफ़ा का रास्ता मैं ने बड़ी इज़्ज़त से अहल-ए-जुर्म मेरा नाम लेते हैं गुनहगारों को इक दिन कह दिया था पारसा मैं ने तुम अपने आप को कुछ भी कहो मज़हब के दीवानो न देखा कोई तुम जैसा ख़ुदा-ना-आश्ना मैं ने जला कर ज़ुल्मत-ए-बातिल में हक़ की मिशअलें यारो ज़माने को बनाया है हक़ीक़त-आश्ना मैं ने ग़रज़ दैर ओ हरम से है न मतलब है कलीसा से जहाँ जल्वा नज़र आया तिरा सज्दा किया मैं ने बहुत ही मो'तबर हूँ क्यूँँ कि मैं राही हूँ ऐ 'राही' क़सम ले लो अगर ख़ुद को कहा हो रहनुमा मैं ने — Divakar Rahi