gaurav saklani

gaurav saklani

@gauravsa483635

gaurav saklani shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in gaurav saklani's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

2

Content

25

Likes

28

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

Sher

बात कुछ भी नहीं ज़रूरी थी बस ज़रूरी था बात का होना — gaurav saklani
राज़ खुलता है घर जलाने को घर कभी आग से नहीं जलता — gaurav saklani
दिख रहा था जो ख़ून पानी पे जान दे बैठा वो निशानी पे — gaurav saklani
हादसों ने हमें सिखाया है वक़्त कटता नहीं गुज़रता है — gaurav saklani
कर भी लेगें जो ख़ुद-कुशी तो क्या मौत के बा'द ग़म नहीं होगा — gaurav saklani
एक इंसान ही नहीं है बस उम्र बीतेगी ये भुलाने में — gaurav saklani
ये महज़ एक अजब इत्तिफ़ाक़ ही तो हैं की आलिमों में से ख़ाना-ख़राब भी तो हैं — gaurav saklani
एक शाइ'र ग़ज़ल सुनाता है बहरस दूर है डगर फिर भी — gaurav saklani
थक गए मुझ को तुम मिटाने में हो रहा है गुज़र-बसर फिर भी — gaurav saklani
तोड़ के रख दिया मुझे जिस ने लग रहा है मुझे क़मर फिर भी — gaurav saklani
शे'र आमद ये हो रहे हैं जो हाथ अंसारी का है इस में सब — gaurav saklani
मेरे अंदर भी कोई रहता है जो भी है बस ख़ुदा नहीं रहता — gaurav saklani
जुड़ रहा है वो जो कहानी में साथ देगा वो बस जवानी में — gaurav saklani
ज़ब्त मुझ में रहा नहीं अब वो इस लिए दूर दूर रहता हूँ — gaurav saklani
आँखों की चौखट पड़ी है धूल मतलब वक़्त ने तोड़ा था पर बिखरा नहीं था — gaurav saklani
ज़िंदगी क्यूँ तुम्हें शिकायत है दे दिया ख़ून-ए-दिल जिगर फिर भी — gaurav saklani
ज़िंदगी क्यूँ तुम्हें शिकायत है दे दिया ख़ून-ए-जिगर फिर भी — gaurav saklani
ज़िक्र तुम ने किया मगर फिर भी हो रहा क्यूँ नहीं असर फिर भी — gaurav saklani

Ghazal