Javed Aslam

Top 10 of Javed Aslam

    बज़ाहिर पारसाओं का लबादा ओढ़ने वालों
    नहीं तुम तोड़ पाओ गे वतन को तोड़ने वालों
    Javed Aslam
    2 Likes
    थे जो बातिल फ़लक पर मकीं हो गए
    हक़ लिए मैं ज़मीं पर टहलता रहा
    Javed Aslam
    2 Likes
    रब ने क्या ख़ूब बनाया होगा
    मेरा महबूब बनाया होगा

    दिल क़लम-दान अगर है उस का
    आँख मक्तूब बनाया होगा
    Read Full
    Javed Aslam
    2 Likes
    जिन के क़दमों का यह निशाँ होगा
    उन के क़दमों तले जहाँ होगा
    Javed Aslam
    2 Likes
    बिन तिरे हाल यूँ मिरा होगा
    दीप होगा मगर बुझा होगा
    Javed Aslam
    2 Likes
    हर कोई आदमी नहीं होता
    आदमी ग़म-गुसार होता है
    Javed Aslam
    2 Likes
    सफ़र अहम-तर है मंज़िलों से
    सफ़र को तुम ख़ुश-नुमा बना लो

    बना लो घर कश्तियों में अपने
    हवाओं को रहनुमा बना लो
    Read Full
    Javed Aslam
    3 Likes
    मर गए तो क्या होगा
    तर्क-ए-मस'अला होगा

    वरसा इम्तिहाँ देंगे
    मेरा फ़ैसला होगा
    Read Full
    Javed Aslam
    2 Likes
    मेरा दरवाज़ा खुला रह गया जिन की ख़ातिर
    उन की आमद न हुई, मेरा इशारा न हुआ
    Javed Aslam
    2 Likes
    तू जो चाहे तेरी नज़रों से गिरा दे मुझ को
    तेरे बस में नहीं के दिल से भुला दे मुझ को

    लड़ के तूफ़ाँ से उतर तो गया हूँ साहिल पर
    अब किधर जाऊँ कोई ये तो बता दे मुझ को

    हँस चुका ख़ूब यहाँ वहम-ओ-गुमाँ में रह कर
    ज़िंदगी खोल दे अब राज़, रुला दे मुझ को

    है ख़ता मेरी मोहब्बत पे यक़ीं रखता हूँ
    अब तेरी मर्ज़ी है जो चाहे सज़ा दे मुझ को

    मेरा तो हक़ है मेरे दिल पे जिसे भी रख लूँ
    तेरा है फ़ैसला गर दिल से हटा दे मुझ को

    ख़ुश हूँ ख़्वाबों में ही ताबीर ज़रुरी क्यों है
    डर है ऐ दोस्त कहीं तू न जगा दे मुझ को

    एक अरसे से तुझे ढूँढ रहा हूँ 'असलम'
    ज़िंदगी आ अभी, मुझ से ही मिला दे मुझ को
    Read Full
    Javed Aslam
    3 Likes

Top 10 of Similar Writers