हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Munawwar Rana
GHAZAL
कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ़ नहीं देखा
तुम्हारे बा'द किसी की तरफ़ नहीं देखा
Munawwar Rana
10
GHAZAL
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई
मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई
Munawwar Rana
9
SHER
किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा
अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा
Munawwar Rana
8
SHER
चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है
मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
Munawwar Rana
7
SHER
अभी ज़िंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं घर से जब निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
Munawwar Rana
6
SHER
5
SHER
ख़ुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख़्शी है
कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं
Munawwar Rana
4
SHER
दिल ऐसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के
ज़िद इतनी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना
Munawwar Rana
3
SHER
2
SHER
1
Shahzad Ahmad
Javed Nadeem
Chakbast Brij Narayan
Tehzeeb Hafi
Amjad Najmi
Ali Sardar Jafri
Mehshar Afridi
Asrar Ul Haq Majaz
Qaisar-ul-Jafri
Firaq Gorakhpuri