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Top 10 of
Pallav Mishra
GHAZAL
क़रीब आने लगा वो तो रात गहरी हुई
वो रात ठहरी रही जब तलक दो-पहरी हुई
Pallav Mishra
10
SHER
ये जिस्म तंग है सीने में भी लहू कम है
दिल अब वो फूल है जिस में कि रंग-ओ-बू कम है
Pallav Mishra
9
SHER
8
SHER
तमाम फ़र्क़ मोहब्बत में एक बात के हैं
वो अपनी ज़ात का नईं है हम उस की ज़ात के हैं
Pallav Mishra
7
SHER
ये तय हुआ था कि ख़ूब रोएँगे जब मिलेंगे
अब उस के शाने पे सर है तो हँसते जा रहे हैं
Pallav Mishra
6
GHAZAL
कुछ ऐसे दो-जहाँ से राब्ता रक्खा गया है
कि इन ख़्वाबीदा आँखों को खुला रक्खा गया है
Pallav Mishra
5
GHAZAL
तुम्हारी दुनिया के बाहर अंदर भटक रहा हूँ
मैं बाद-ए-तर्क-ए-जहाँ यही पर भटक रहा हूँ
Pallav Mishra
4
SHER
जाने क्या सोच के वो दिल से लगा ली मैं ने
सर के ऊपर से जो इक बात गुज़र जानी थी
Pallav Mishra
3
SHER
मैं हर क़दम पर सँभल सँभल कर भटकने वाला
भटकने वालों से काफ़ी बेहतर भटक रहा हूँ
Pallav Mishra
2
SHER
मैं तुझ सेे मिलने समय से पहले पहुँच गया था
सो तेरे घर के क़रीब आ कर भटक रहा हूँ
Pallav Mishra
1
Farhat Abbas Shah
Sahir Ludhianvi
Ritesh Rajwada
Sudarshan Fakir
Qabil Ajmeri
Ahmad Nadeem Qasmi
Ajiz Matvi
Akhtar Shumar
Shahryar
Firaq Gorakhpuri