main tujhse milne samay se pehle pahunch gaya tha | मैं तुझसे मिलने समय से पहले पहुँच गया था

  - Pallav Mishra

मैं तुझसे मिलने समय से पहले पहुँच गया था
सो तेरे घर के क़रीब आकर भटक रहा हूँ

  - Pallav Mishra

Ghar Shayari

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    तुम्हारी दुनिया के बाहर अंदर भटक रहा हूँ
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    मैं तुझ से मिलने समय से पहले पहुँच गया था
    सो तेरे घर के क़रीब आ के भटक रहा हूँ

    मैं एक ख़ाना-ब-दोश हूँ जिस का घर है दुनिया
    सो अपने काँधों पे ले के ये घर भटक रहा हूँ

    मैं हर क़दम पर सँभल सँभल कर भटकने वाला
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