Pushpendra Panchal

Pushpendra Panchal

@pushpendrakumarsharma8664

Pushpendra Panchal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Pushpendra Panchal's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब इसे फ़ितरत कहो या फिर मेरी वहशत कहो छोड़ देता हूँ जिसे फिर याद भी करता नहीं — Pushpendra Panchal
ज़िन्दगी में मुश्किलें इतनी बढ़ीं मौत को इक रोज़ आना ही पड़ा — Pushpendra Panchal
चाह बैठे थे जिसे वो थी अमानत ग़ैर की आज से वो मर गई लड़की हमारे वास्ते — Pushpendra Panchal
जीत सकता जंग तू भी प्यार की दुनिया में पागल कर सके जो दिल को घाइल तीर हो ऐसा कमाँ में — Pushpendra Panchal
चारों ओर पड़ा है बिखरा देखो तो शाइ'र ही ये दर्द समेटा करते हैं — Pushpendra Panchal
ज़माने से ये कहने को कलेजा चाहिए जानाँ तुम्हारे बा'द भी तुम सेे मुहब्बत कर रहा हूँ मैं — Pushpendra Panchal
मैं ने पूछा तो मुहब्बत को इबादत ही कहा सबने अब अगर करने को कहता हूँ तो आख़िर क्यूँ नहीं करते — Pushpendra Panchal
इस क़दर तल्ख़ी नहीं अच्छी मियाँ किरदार में हारने वाले ही अक्सर जीतते हैं प्यार में — Pushpendra Panchal
देकर मुझे ये फूल तू कहता है इश्क़ है लाने से पहले सोचता डाली के दर्द को — Pushpendra Panchal
इक इशारे पर तेरे मैं फूँक दूँ सारा जहाँ इश्क़ में तू ने अभी मुझ सा कहीं देखा नहीं — Pushpendra Panchal
पूछना है तुम को जो भी पूछ लो मुझ से मगर ये न पूछो इश्क़ करता हूँ किसी से या नहीं — Pushpendra Panchal
हो चुकी पूरी हैं मोहन ग़लतियाँ शिशुपाल की छोड़ कर मुरली करों से शीश काटो चक्र से — Pushpendra Panchal
तन्हाई ये नश्तर जैसी चुभती है आओ हम तुम फिर से झगड़ा करते है — Pushpendra Panchal
उस का लहजा देखा तो ये समझा मैं मौसम पल में कैसे बदला करते हैं — Pushpendra Panchal
अचानक छोड़ कर जाने से तेरे मेरी आँखों से दरिया बह रहा है — Pushpendra Panchal
भुलानी है अगर दुनिया तो ये सब सेे मुनासिब है मुहब्बत के अलावा दूसरा चारा नहीं कोई — Pushpendra Panchal
सितारा हूँ मैं अंबर का किसी दिन टूट भी जाऊँ करूँँ पूरी ये मुमकिन है तेरी मैं आख़िरी ख़्वाहिश — Pushpendra Panchal
दूर ही रखिएगा मुझ सेे इन गुलाबों को आ रही इन में मुझे बू बे-वफ़ाई की — Pushpendra Panchal

Ghazal