ज़माने से ये कहने को कलेजा चाहिए जानाँ
तुम्हारे बा'द भी तुम से मुहब्बत कर रहा हूँ मैं
तुम्हारे बा'द भी तुम से मुहब्बत कर रहा हूँ मैं
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चश्म भी नम मिलेंगे नए साल में
कुछ नए ग़म मिलेंगे नए साल में
कुछ नए ग़म मिलेंगे नए साल में
आज तक यार तन्हा रहे जिस तरह
उस तरह हम मिलेंगे नए साल में
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मैं ने पूछा तो मुहब्बत को इबादत ही कहा सबने
अब अगर करने को कहता हूँ तो आख़िर क्यूँ नहीं करते
अब अगर करने को कहता हूँ तो आख़िर क्यूँ नहीं करते
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भुलानी है अगर दुनिया तो ये सब से मुनासिब है
मुहब्बत के अलावा दूसरा चारा नहीं कोई
मुहब्बत के अलावा दूसरा चारा नहीं कोई
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मुनासिब है मनाने पर तिरे यूँ मान जाना
भला मुझ को मनाता कौन है तेरे अलावा
भला मुझ को मनाता कौन है तेरे अलावा
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