तुम चाहो तो सच में ऐसा हो सकता है

हम दोनों में फिर समझौता हो सकता है

अब तक तेरे दिल में वीरानी ही छाई
या'नी तेरे दिल पर क़ब्ज़ा हो सकता है

दिल के बदले दिल की मत उम्मीद रखो तुम
वरना तुम को इश्क़ में घाटा हो सकता है

जाओ जा कर यार मना लो तुम ही उस को
वरना वो तो और किसी का हो सकता है

सिर्फ़ मुहब्बत बाँधे हुए है उस को वरना
तोड़ क़फ़स आज़ाद परिंदा हो सकता है

इस क़िस्मत ने तुम को मुझ से छीन लिया है
इस से ज़्यादा और बुरा क्या हो सकता है

यार बनाना देखो हम ने छोड़ दिया अब
जो चाहे वो यार हमारा हो सकता है

— Pushpendra Panchal

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