कच्ची उम्रों में हमें काम पर लगा दिया गया
हम वो बच्चे जो जवानी से अलग कर दिए गए
ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर
बारिशें हों तो भीग जाया कर
काम ले कुछ हसीन होठों से
बातों बातों में मुस्कुराया कर
अपनी मंज़िल पे पहुँचना भी खड़े रहना भी
कितना मुश्किल है बड़े हो के बड़े रहना भी
मुझ पे हैं सैकड़ों इल्ज़ाम मिरे साथ न चल
तू भी हो जाएगा बदनाम मिरे साथ न चल
तू नई सुबह के सूरज की है उजली सी किरन
मैं हूँ इक धूल भरी शाम मिरे साथ न चल
अपनी ख़ुशियाँ मिरे आलाम से मंसूब न कर
मुझ से मत माँग मिरा नाम मिरे साथ न चल
तू भी खो जाएगी टपके हुए आँसू की तरह
देख ऐ गर्दिश-ए-अय्याम मिरे साथ न चल
मेरी दीवार को तू कितना सँभालेगा 'शकील'
टूटता रहता हूँ हर गाम मिरे साथ न चल
ये जो मैं होश में रहता नहीं तुमसे मिल कर
ये मिरा इश्क़ है तुम इसको नशा मत समझो
मैं भी तुम जैसा हूँ अपने से जुदा मत समझो
आदमी ही मुझे रहने दो ख़ुदा मत समझो
ये जो मैं होश में रहता नहीं तुमसे मिल कर
ये मिरा इश्क़ है तुम इसको नशा मत समझो
रास आता नहीं सबको ये मोहब्बत का मरज़
मेरी बीमारी को तुम अपनी दवा मत समझो