मैं भी तुम जैसा हूँ अपने से जुदा मत समझो
आदमी ही मुझे रहने दो ख़ुदा मत समझो
ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम से मिल कर
ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो
रास आता नहीं सब को ये मोहब्बत का मरज़
मेरी बीमारी को तुम अपनी दवा मत समझो
— Shakeel Azmi
आदमी ही मुझे रहने दो ख़ुदा मत समझो
ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम से मिल कर
ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो
रास आता नहीं सब को ये मोहब्बत का मरज़
मेरी बीमारी को तुम अपनी दवा मत समझो
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