Sohaib Alvi

Sohaib Alvi

@sohaibal761248

Sohaib Alvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sohaib Alvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

रेशमी ज़ुल्फ़ों के तुम अपनी इशारे समझो आज रंगीन करें रात क़रीब आ जाओ — Sohaib Alvi
तेरा लेना ना इक ना देना दो भाई तू क्यूँँ अकड़ के बैठ गया — Sohaib Alvi
बात ये दिल की बतानी भी नहीं आती है हम सेे तो बंसी बजानी भी नहीं आती है — Sohaib Alvi
हम ने तय है किया सिगरेट से बीड़ी का सफ़र आप हम को न बताएँ कि ग़रीबी क्या है — Sohaib Alvi
इक तो फ़ुर्सत ही नहीं दफ़्तर से मुझ को हाए रे! ऊपर से ये कमबख़्त औरत — Sohaib Alvi
हमें जहन्नमी किताबों तक में भी कहा गया हमीं ने अपने बाप पर भी हाथ तक उठाया है — Sohaib Alvi
दुनिया मुझ सेे झगड़ के बैठ गई और मैं उस सेे झगड़ के बैठ गया — Sohaib Alvi
यारों मैं ही हूँ वो बेग़ैरत शख़्स "हाफ़ी" ने जिस पर लानत भेजी है — Sohaib Alvi
तेरी फेंकी पेंसिल मुझ को हज़ारों की पड़ती थी क्लास के बच्चे मुझे तेरी चीज़ें बेचा करते थे — Sohaib Alvi
फिर उस ने आख़िरश कह ही दिया औलाद से अपनी नवाज़ेगा ख़ुदा तुम जैसी ही औलाद से तुम को — Sohaib Alvi
आजिज़ी से गिर्या-ओ-ज़ारी को करने वाली सुन बाँध लेंगे पल्ले से तुझ को ग़रीबी की तरह — Sohaib Alvi
बेल उस दर की बजा आया मैं रह गया तकता दरीचा मुझ को — Sohaib Alvi
परमिशन चाहता हूँ देख ये शीशे से मैं बाँधने लग गया हूँ रस्सी को पंखे से मैं — Sohaib Alvi
नील-ओ-नल अगर सेना में नहीं भी होते तो 'राम' नाम के पत्थर फिर भी तैर जाने थे — Sohaib Alvi
नहीं तहज़ीब बातें करने की औरत से ही साहब नहीं तहज़ीब बातें करने की उस्ताद से तुम को — Sohaib Alvi
अपनी ही गली का इमरान हाशमी हूँ मैं बात वो अलग हैं लगना गले नहीं आता — Sohaib Alvi
जब बच्चों के हाथों वालिद की शामत आ जाएगी पैगंबर ने फरमाया था कि कयामत आ जाएगी — Sohaib Alvi

Ghazal