Usama Zoraiz

Usama Zoraiz

@usama-zoraiz

Usama Zoraiz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Usama Zoraiz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

ये क्या कि औरों के कमरों में सज गए 'ज़ोरेज़' हमें तो टूट के मिलना था आइना हो कर — Usama Zoraiz
मेरे हिस्से में कभी आया था अच्छा कोई दिन पूछना था कि दोबारा भी कभी आएगा — Usama Zoraiz
जिस क़दर रोने की आदत है वो दिन दूर नहीं लोग बुलवाएँगे मरने पे मुझे रोने को — Usama Zoraiz
क्यूँ आज तुझे देख के महसूस हुआ है देखा है किसी और ने आईना हमारा — Usama Zoraiz
फिर उस के बा'द ख़बर आई वो बहुत ख़ुश है जुदा हुए थे तो हालात एक जैसे थे — Usama Zoraiz
हम तो जैसे कि किनारे पे खड़े होते हैं वो उदासी है कि बस बात मिले रोने को — Usama Zoraiz

Ghazal

तिरी तलाश के मारों की नींद पूरी हो ज़रा तू बैठ कि पैरों की नींद पूरी हो विसाल कर के जुदाई का नाम तक न रहे फिर इतना जागें कि बरसों की नींद पूरी हो ख़ुदा तो चाहेगा ख़्वाबों में सब रहें मसरूफ़ ख़ुदा तो चाहेगा बंदों की नींद पूरी हो तिरा बिछड़ना कि बस जागने की दूरी पे है तो कैसे ख़ौफ़ के मारों की नींद पूरी हो ये रोटी पानी का झगड़ा है और लोगों का मैं चाहता हूँ कि लोगों की नींद पूरी हो उसी की मर्ज़ी कि कितनों का चौकीदार रहे उसी की मर्ज़ी कि जितनों की नींद पूरी हो जो एक जागे तो दोनों को इज़्तिराब रहे जो एक सोए तो दोनों की नींद पूरी हो — Usama Zoraiz