0
  • Search
  • Shayari
  • Writers
  • Events
  • Blog
  • Store
  • Leaderboard
  • Login
0
HomeExplore
Submit
LibraryProfile
Vishal Singh Tabish

Top 10 of Vishal Singh Tabish

Vishal Singh Tabish

Top 10 of Vishal Singh Tabish

    मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है
    ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है
    इश्क़ है वादा-फ़रामोश नहीं है कोई
    दिल तलबगार मेरी बात कहाँ सुनता है
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    10
    66 Likes
    ख़मोशी तो यही बतला रही है
    उदासी रास मुझ को आ रही है

    मुझे जिन ग़लतियों से सीखना था
    वही फिर ज़िंदगी दोहरा रही है
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    9
    63 Likes
    इस दुनिया के कहने पर उम्मीद न रक्खो
    पत्थर रख लो सीने पर उम्मीद न रक्खो
    Vishal Singh Tabish
    8
    55 Likes
    नए किरदार में बदल गया है
    दोस्त तू प्यार में बदल गया है

    कोई बदला है अपनी मर्ज़ी से
    कोई बेकार में बदल गया है

    एक दरवाज़ा था मेरे दिल में
    अब वो दीवार में बदल गया है

    कल तलक दोस्ती का रिश्ता था
    आज परिवार में बदल गया है
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    7
    18 Likes
    कहानी में तुम्हारे ज़िक्र भर से
    मेरा किरदार हल्का हो रहा है
    Vishal Singh Tabish
    6
    22 Likes
    डर है घर में कैसे बोला जाएगा
    छोड़ो जो भी होगा देखा जाएगा

    मैं बस उस का चेहरा पढ़ कर जाऊँगा
    मेरा पेपर सब से अच्छा जाएगा
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    5
    84 Likes
    ख़ुशबू के एहसास पे भागे पागल लोग
    मेरे जैसे सीधे साधे पागल लोग

    मेरे जैसा ढूँढ़ रहे हो सब्र करो
    मिल जाएँगे मेरे जैसे पागल लोग

    दोस्त हमारे कोशिश कर के हार गए
    पागल को कितना समझाते पागल लोग
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    4
    23 Likes
    डर है घर में कैसे बोला जाएगा
    छोड़ो जो भी होगा देखा जाएगा

    नंबर लिखकर हाथों में पकड़ा देना
    तेरे घर इक छोटा बच्चा जाएगा

    मैं बस उस का चेहरा पढ़ कर जाऊँगा
    मेरा पेपर सब से अच्छा जाएगा
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    3
    33 Likes
    मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है,
    ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है

    इश्क़ है वा'दा फ़रामोश नहीं है कोई,
    दिल तलबग़ार मेरी बात कहाँ सुनता है
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    2
    46 Likes
    तुम पर इक दिन मरते मरते मर जाना है,
    दीवाने को कहाँ ख़बर है घर जाना है

    एक शब्द तुम को अंधेरे का ख़ौफ़ दिला कर,
    बा'द में ख़ुद भी जान बूझकर डर जाना है
    Read Full
    Vishal Singh Tabish
    1
    54 Likes
Gaurav Kumar AarambhGaurav Kumar AarambhDeep kamal panechaDeep kamal panechaKrishnavat RiteshKrishnavat RiteshShayar Sadiq hassanShayar Sadiq hassanShashank TripathiShashank TripathiKrish Gour 'Jazbaat'Krish Gour 'Jazbaat'Ajay ChoubeyAjay ChoubeyTanhaTanhaNilesh BaraiNilesh Baraiumar udasumar udas