phir se vo yaad aayi mujhe kuchh din guzar jaane ke baad | फिर से वो याद आई मुझे कुछ दिन गुज़र जाने के बाद

  - Amaan Pathan

फिर से वो याद आई मुझे कुछ दिन गुज़र जाने के बाद
सिगरेट की अब फिर से तलब उठने लगी खाने के बाद

ये रीत तो चलती रहेगी आशिक़ी में मौत की
आशिक़ तो होंगे और भी फिर तेरे दीवाने के बाद

देखो मेरे कुर्ते पे तुम गिरने न दो इक बूँद भी
घर भी मुझे जाना है वापिस यार मयख़ाने के बाद

ग़मगीन हैं जो लोग ये आँखें मिरी नम देख कर
कह दे इन्हें साँस आएगी मुझ को तिरे आने के बाद

मंदिर कभी मस्जिद कभी फिर टूट कर मयख़ाने में
ढूँढा तुझे हर इक जगह तेरे चले जाने के बाद

तेरे लिए सब कुछ जला दूँ तो भी मुझको ग़म नहीं
बस इक दिया जलता रहेगा दुनिया बुझ जाने के बाद

सब भूल जाएँगे मिरा लिक्खा मगर तुम देखना
शे'र इक न इक ज़िंदा रहेगा मेरे मर जाने के बाद

  - Amaan Pathan

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