दिल को अभी करार है
ग़म आजकल फ़रार है
कोई भी आता जाता है
दिल में कहीं दरार है
महँगी बड़ी है कैफियत
सपने पड़े उधार है
मेरी जो सिर्फ़ यार थी
उस को मुझी से प्यार है
पूछा जो हाल उस ने है
कह दो कि अब सुधार है
ये ज़िन्दगी है बे-वफा
जीना यहाँ खुमार है
— Amol















