मैं तुम्हें अब छोड़ भी सकती नहीं हूँ
हाँ ये रिश्ता तोड़ भी सकती नहीं हूँ
जिस वरक पर नाम तेरा लिख दिया है
वो वरक मैं मोड़ भी सकती नहीं हूँ
कर दिया बर्बाद मैंने 'इश्क़ में यूँँ
हाथ तुझसे जोड़ भी सकती नहीं हूँ
तुमसे वा'दा कर लिया ज़िंदा रहूँगी
दर्द में सर फोड़ भी सकती नहीं हूँ
मार डाला ख़ुद को मैंने इस तरह से
ख़ुद को अब झिंझोड़ भी सकती नहीं हूँ
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