उस के दर पर ही बिला शर्त खड़े रहते हैंजैसे परवाने हों जो लौ से अड़े रहते हैंउस का दिल दिल नहीं मयख़ाना हो जैसे यारोंचार छह लोग जहाँ यूँ ही पड़े रहते हैं— DEVANSH TIWARI