bahut kamzor the rishte hamaare | बहुत कमज़ोर थे रिश्ते हमारे

  - Praveen Sharma SHAJAR

बहुत कमज़ोर थे रिश्ते हमारे
नहीं सह पाए ये झगड़े हमारे

हमें मंज़िल भले ही मिल गई हो
ग़लत हैं पर सभी रस्ते हमारे

हम इक दूजे से लड़कर मर गए थे
अकेले रह गए बच्चे हमारे

हमें बदमाश होना चाहिए था
शराफ़त खा गई पैसे हमारे

कभी तुम भूल से घर आ न जाना
सभी अरमान हैं प्यासे हमारे

ख़ुशी में सब शरीक अपनी रहे हैं
किसी ने ग़म नहीं देखे हमारे

अदाएँ इस तरह से मत उछालो
बहुत बदनाम है क़िस्से हमारे

  - Praveen Sharma SHAJAR

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