@Nishadsharma1
Praveen Sharma NISHAD shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Praveen Sharma NISHAD's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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ये वो धूप है जिस से दिल को सिर्फ़ भिगोया जा सकता है
ये वो नशेमन जिस में केवल ग़म को संजोया जा सकता है
जॉन की ग़ज़लें पढ़ने लगे हो तो फिर इतना ध्यान में रखना
जॉन की ग़ज़लें पढ़ लेने पर केवल रोया जा सकता है
यूँ तो हम जन्नत का रस्ता जानते हैं
पर मय-ख़ाना उससे अच्छा जानते हैं
डूब रहे हैं दरिया में तेरी ख़ातिर
वरना हम तो पार उतरना जानते हैं
तेरे ख़िलाफ़ अगर जंग में उतारा गया
तो साफ़-साफ़ समझ ले कि मैं तो मारा गया
वो जब गया था तो कुछ भी नहीं गया था मेरा
जब उसकी याद गई है तो हर सहारा गया
अपना हाथ रहा तो है इस दुनिया की बर्बादी में
हमने भी तो शेर लिखे थे चाहत और मुहब्बत के
कर लिए हमने मोहब्बत में कई साल ख़राब
अब नए साल में हम सूद-ओ-ज़ियाँ देखेंगे
तेरी यादों का मौसम ख़ूबसूरत है मगर फिर भी
इसे जाना पड़ेगा अब ये अगली रुत में अड़चन है
न कर बर्बाद लेकिन दुख तो दे थोड़ा बहुत मुझको
मैं कैसे इस ख़ुशी में शायरी कर पाऊँगा जानाॅं
जिसको पाने का हर प्रयास रहा
उसको पा कर के दिल उदास रहा
उसने तोड़ा है दिल भी सबसे अधिक
और सबसे अधिक वो ख़ास रहा
मैं जैसे कर्ण हूँ और तू मेरे कुंडल कवच जैसी
तुझे ख़ुद से जुदा करने में क्या बीती है मुझसे पूछ
हर बार जीत जाओ ज़रूरी तो नहीं है
तुम ही मुझे रुलाओ ज़रूरी तो नहीं है
कुछ और भी थे लोग मुहब्बत में हमारी
इक तुम ही याद आओ ज़रूरी तो नहीं है
रास आए न मुहब्बत तो भला क्या कीजे
अब जो होता ही नहीं पास-ए-वफ़ा क्या कीजे
उनको हाकिम की ज़रूरत जो अभी ज़िंदा हैं
मुझ सी जलती हुई लाशों की दवा क्या कीजे