Praveen Sharma SHAJAR

Praveen Sharma SHAJAR

@Nishadsharma1

Praveen Sharma NISHAD shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Praveen Sharma NISHAD's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

ये वो धूप है जिस से दिल को सिर्फ़ भिगोया जा सकता है
ये वो नशेमन जिस में केवल ग़म को संजोया जा सकता है

जॉन की ग़ज़लें पढ़ने लगे हो तो फिर इतना ध्यान में रखना
जॉन की ग़ज़लें पढ़ लेने पर केवल रोया जा सकता है

Praveen Sharma SHAJAR

यूँ तो हम जन्नत का रस्ता जानते हैं
पर मय-ख़ाना उससे अच्छा जानते हैं

डूब रहे हैं दरिया में तेरी ख़ातिर
वरना हम तो पार उतरना जानते हैं

Praveen Sharma SHAJAR

तेरे ख़िलाफ़ अगर जंग में उतारा गया
तो साफ़-साफ़ समझ ले कि मैं तो मारा गया

वो जब गया था तो कुछ भी नहीं गया था मेरा
जब उसकी याद गई है तो हर सहारा गया

Praveen Sharma SHAJAR

अपना हाथ रहा तो है इस दुनिया की बर्बादी में
हमने भी तो शेर लिखे थे चाहत और मुहब्बत के

Praveen Sharma SHAJAR

और तो सब ठीक है पर तुम नहीं हो
और फिर क्या ठीक है गर तुम नहीं हो

Praveen Sharma SHAJAR

कर लिए हमने मोहब्बत में कई साल ख़राब
अब नए साल में हम सूद-ओ-ज़ियाँ देखेंगे

Praveen Sharma SHAJAR

हम उसके साथ चलना चाहते थे
पसंद उसको मगर बैसाखियाँ थीं

Praveen Sharma SHAJAR

तेरी यादों का मौसम ख़ूबसूरत है मगर फिर भी
इसे जाना पड़ेगा अब ये अगली रुत में अड़चन है

Praveen Sharma SHAJAR

न कर बर्बाद लेकिन दुख तो दे थोड़ा बहुत मुझको
मैं कैसे इस ख़ुशी में शायरी कर पाऊँगा जानाॅं

Praveen Sharma SHAJAR

फूल टूटे तो रौंद डाले गए
ख़ार गिरकर भी घाव दे रहे हैं

Praveen Sharma SHAJAR

जिसको पाने का हर प्रयास रहा
उसको पा कर के दिल उदास रहा

उसने तोड़ा है दिल भी सबसे अधिक
और सबसे अधिक वो ख़ास रहा

Praveen Sharma SHAJAR

मैं जैसे कर्ण हूँ और तू मेरे कुंडल कवच जैसी
तुझे ख़ुद से जुदा करने में क्या बीती है मुझसे पूछ

Praveen Sharma SHAJAR

हर बार जीत जाओ ज़रूरी तो नहीं है
तुम ही मुझे रुलाओ ज़रूरी तो नहीं है

कुछ और भी थे लोग मुहब्बत में हमारी
इक तुम ही याद आओ ज़रूरी तो नहीं है

Praveen Sharma SHAJAR

वो और बात कि इसकी सज़ा नहीं मिलती
मगर ये इश्क़ गुनाहों से कम नहीं होता

Praveen Sharma SHAJAR

काश तुम जिंदगी समझते दोस्त
तब मेरी शायरी समझते दोस्त

Praveen Sharma SHAJAR

रास आए न मुहब्बत तो भला क्या कीजे
अब जो होता ही नहीं पास-ए-वफ़ा क्या कीजे

उनको हाकिम की ज़रूरत जो अभी ज़िंदा हैं
मुझ सी जलती हुई लाशों की दवा क्या कीजे

Praveen Sharma SHAJAR

जब जब दिल दुखता है तुम याद आते हो
जब जब तुम याद आते हो दिल दुखता है

Praveen Sharma SHAJAR

प्यार से घर नहीं चलता साहब
इसलिए शायरी भी करते हैं

Praveen Sharma SHAJAR

हाँ मेरा हाल ठीक है
नहीं भी है तो क्या हुआ

Praveen Sharma SHAJAR

मुझको शोहरत का शौक़ है साहब
इश्क़ भी मेरा आप रख लीजे

Praveen Sharma SHAJAR

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