हर बार जीत जाओ ज़रूरी तो नहीं हैतुम ही मुझे रुलाओ ज़रूरी तो नहीं हैकुछ और भी थे लोग मुहब्बत में हमारीइक तुम ही याद आओ ज़रूरी तो नहीं है— Praveen Sharma SHAJAR