Udasi Shayari - Poetic Verses Reflecting Sorrow and Separation

Explore a heartfelt collection of Udasi Shayari that beautifully captures the essence of sorrow, longing, and separation. These poetic lines reflect the deep emotions of udasi (sadness) and the pain of being apart from loved ones.

Best Udasi Shayari on Sadness and Longing

dukhi shayari
जौन तुम्हे ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो
एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो
Jaun Elia
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dukhi shayari
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं
Firaq Gorakhpuri
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यतीमों की तरह बस पाल रक्खा है इन्हें हमने
हमें जो दुख मिले हैं वो हमारे दुख नहीं लगते

किसी की आँख में रहकर किसी के ख़्वाब देखे हैं
हजारों कोशिशें की पर किनारे दुख नहीं लगते
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Rohit Gustakh
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शहर का तब्दील होना शाद रहना और उदास
रौनक़ें जितनी यहाँ हैं औरतों के दम से हैं
Muneer Niyazi
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Heart Touching Udasi Shayari in Hindi

dukh shayari
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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dukh shayari
ख़ुदा को मान कि तुझ लब के चूमने के सिवा
कोई इलाज नहीं आज की उदासी का
Zafar Iqbal
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जीना मुश्किल है के आसान, ज़रा देख तो लो
लोग लगते हैं परेशान, ज़रा देख तो लो

इन चरागों के तले ऐसे अँधेरे क्यूँ हैं?
तुम भी रह जाओगे हैरान, ज़रा देख तो लो
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Javed Akhtar
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हम को किस के ग़म ने मारा ये कहानी फिर सही
किस ने तोड़ा दिल हमारा ये कहानी फिर सही
Masroor Anwar
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मर न जाऊँ एक दिन ग़म से कहीं
सर-ब-सर कर्ज़े में डूबा हूँ ख़ुदा
Ajeetendra Aazi Tamaam
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Emotional Udasi Shayari on Love and Separation

pareshaan shayari
है दुख तो कह दो किसी पेड़ से परिंदे से
अब आदमी का भरोसा नहीं है प्यारे कोई
Madan Mohan Danish
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pareshaan shayari
मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है
Ahsan Marahravi
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दुःख की दीमक अगर नहीं लगती
ज़िन्दगी किस क़द्र हसीं लगती

वस्ल को लॉटरी समझता हूँ
लॉटरी रोज़ तो नहीं लगती
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Azbar Safeer
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आधी से ज़ियादा शब-ए-ग़म काट चुका हूँ
अब भी अगर आ जाओ तो ये रात बड़ी है
Saqib lakhanavi
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क्या सितम है, लोग मेरे दुख में भी बस
फाइलातुन वाइलातुन देखते है
Saad Ahmad
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Beautiful Udasi Shayari in Urdu

pareshanai shayari
अब उदास फिरते हो सर्दियों की शामों में
इस तरह तो होता है इस तरह के कामों में
Shoaib bin aziz
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है नार दोस्तों कसरत से मुंतज़िर उनकी
ग़म-ए-हुसैन में जो कारोबार करते हैं

ये सब हैं गुलशन-ए-हैदर के गुल शजर ज़ैदी
ये गुल तब्बसुम-ए-लब से शिकार करते हैं
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Shajar Abbas
तुम्हें ये ग़म है कि अब चिट्ठियाँ नहीं आती
हमारी सोचो हमें हिचकियाँ नहीं आती
Charagh Sharma
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सभी को ग़म है समुंदर के ख़ुश्क होने का
कि खेल ख़त्म हुआ कश्तियाँ डुबोने का
Shahryar
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वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी
अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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Short Udasi Shayari for Instagram Captions

udaasi shayari
एक दिन की ख़ुराक है मेरी
आप के हैं जो पूरे साल के दुख
Varun Anand
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उनके दुखों को शे'र में कहना तो था मगर
लड़के समझ न पाएँ कभी लड़कियों का दुख
Ankit Maurya
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तुम्हारा तो ख़ुदा से राबता है
तो देखो ना, हमारे दुख बता कर
Siddharth Saaz
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आँसू हो तेरे पास तो तू भी ख़रीद ला
ग़म की दुकाँ में बिकती है ख़ुशियाँ बड़ी बड़ी
SHIV SAFAR
मिला है दुख सदा मुझको मेरा दुख से ये नाता है
मिरे ख़ुद घाव में मरहम लगा कर दुख सुलाता है
Tiwari Jitendra

Poetic Udasi Shayari on Pain and Grief

gam shayari
ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़
मुझ को आदत है मुस्कुराने की
Abdul Hamid Adam
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ये दुक्ख अलग है कि उससे मैं दूर हो रहा हूँ
ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है

तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें
ये तेरा ग़म है जो मुझको मशहूर कर रहा है
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Tehzeeb Hafi
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अब कारगह-ए-दहर में लगता है बहुत दिल
ऐ दोस्त कहीं ये भी तिरा ग़म तो नहीं है
Majrooh Sultanpuri
ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भाँप कर
ख़त खोलिए तो उसमें उदासी के अक्स हों
Gaurav Singh
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ख़मोशी तो यही बतला रही है
उदासी रास मुझको आ रही है

मुझे जिन ग़लतियों से सीखना था
वही फिर ज़िंदगी दोहरा रही है
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Vishal Singh Tabish
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Udasi Shayari on Memories and Heartbreak

gham shayari
ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब
ऐश की तरह अगर ग़म भी गवारा होता
Akhtar Shirani
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तू तो वाक़िफ़ है रिवाज़-ए-ग़म से इसके
इश्क़ तो तेरा भी ये पहला नहीं है
Siddharth Saaz
कोहरा तो इस उदासी का घना है
और सबका दिल भी पत्थर का बना है

रोने से मन हल्का होता होगा लेकिन
मैं तो लड़का हूँ, मुझे रोना मना है
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Daqiiq Jabaali
ग़म में हम सूरत-ए-गमख़ार नहीं पढ़ते हैं
इसलिए मीर के अश'आर नहीं पढ़ते हैं

मेरी आँखें तेरी तस्वीर से जा लगती हैं
सुब्ह उठकर सभी अख़बार नहीं पढ़ते हैं
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Ashu Mishra
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हाए उसके हाथ पीले होने का ग़म
इतना रोए हैं कि आँखें लाल कर ली
Harsh saxena

Thoughtful Udasi Shayari on Life’s Struggles

udasi shayari
सिगरेट जिसे सुलगता हुआ कोई छोड़ दे
उस का धुआँ हूँ और परेशाँ धुआँ हूँ मैं
Ameeq Hanafi
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शाम-ए-ग़म करवट बदलता ही नहीं
वक़्त भी ख़ुद्दार है तेरे बग़ैर
Shakeel Badayuni
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लाज़िम है अब कि आप ज़ियादा उदास हों
इस शहर में बचे हैं बहुत कम उदास लोग
Bhaskar Shukla
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दूजों का दुःख समझने को बे हद ज़रूरी है
थोड़ी सही प दिल में अज़ीयत बनी रहे
Afzal Ali Afzal
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उठाओ कैमरा तस्वीर खींच लो इनकी
उदास लोग कहाँ रोज़ मुस्कराते हैं
Malikzada Javed
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Inspirational Udasi Shayari on Hope and Healing

udas shayari
सिर्फ़ ज़िंदा रहने को ज़िंदगी नहीं कहते
कुछ ग़म-ए-मोहब्बत हो कुछ ग़म-ए-जहाँ यारो
Himayat Ali Shayar
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क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Shakeel Badayuni
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यूँ ही थोड़ी मेरी गज़लों में इतना दुख होता है
इस दुनिया ने हम लड़कों से रोने का हक़ छीना है
Harsh saxena
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सब कुछ पा कर थोड़ा सा कुछ कम भी रहता है
इन ख़ुशियों में एक तुम्हारा ग़म भी रहता है
Ritesh Rajwada
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तर्जुबा था सो दुआ की के नुकसान ना हो
इश्क मजदूर को मजदूरी के दौरान ना हो

मै उसे देख ना पाता था परेशानी मे
सो दुआ करता था मर जाये परेशान ना हो
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Afkar Alvi
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Udasi Shayari on Loss and Regret

udaas shayari
दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता
तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता
Waseem Barelvi
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जैसे देखा हो आख़िरी सपना
रात इतनी उदास थीं आँखें
Siraj Faisal Khan
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तेरे माथे पर जो दुख लिक्खे हैं
इनको चूम के अपना कर लूंँगा मैं
Aarush Sarkaar
कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी
यूँ ही बातें बनाते हैं हम जी
Jaun Elia
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मेरे कमरे में उदासी है क़यामत की मगर
एक तस्वीर पुरानी सी हँसा करती है
Abbas Qamar
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