Dhokha Shayari - Poetic Verses Reflecting Betrayal and Heartbreak

Explore a poignant collection of Dhokha Shayari that captures the pain and emotions of betrayal in relationships and life. These poetic lines beautifully express the sorrow, anger, and lessons learned from deceit and unfaithfulness.

Best Dhokha Shayari on Betrayal and Pain

dhokha shayari
वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से
मैं एतिबार न करता तो और क्या करता
Waseem Barelvi
65 Likes
मेहनत तो करता हूँ फिर भी घर खाली है बाबूजी
मिट्टी के कुछ दीपक ले लो दीवाली है बाबूजी

मिट्टी बेच रहा हूँ जिसमें कोई जाल फ़रेब नहीं
सोना चाँदी दूध मिठाई सब जा'ली है बाबूजी
Read Full
Gyan Prakash Akul
45 Likes
ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दोहरा हुआ होगा
मैं सजदे में नहीं था आप को धोखा हुआ होगा
Dushyant Kumar
24 Likes
खुला फ़रेब-ए-मोहब्बत दिखाई देता है
अजब कमाल है उस बेवफ़ा के लहजे में
Iftikhar Arif
17 Likes
किस काम की ऐसी सच्चाई जो तोड़ दे उम्मीदें दिल की
थोड़ी सी तसल्ली हो तो गई माना कि वो बोल के झूट गया
Arzoo Lakhnavi
10 Likes

Heart Touching Dhokha Shayari in Hindi

bewafai shayari
तिरे वादे पर जिए हम तो ये जान झूट जाना
कि ख़ुशी से मर न जाते अगर ए'तिबार होता
Mirza Ghalib
30 Likes
तुम कभी मुझको कलेजे से लगाकर आज़माना
झूठ कहती है ये दुनिया आदमी रोता नहीं है
Harsh saxena
मैं इस लिए भी तेरे फ़न की कद्र करता हूँ
तू झूठ बोल के आँसू निकाल लेता है
Ahmad Kamal Parvazi
22 Likes
मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझको
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में
Read Full
Anis shah anis
ज़रा सा झूठ ही कह दो मेरे बिन तुम अधूरे हो
तुम्हारा क्या बिगड़ता है ज़रा सी बात कहने में
Parveen Shakir
24 Likes

Emotional Dhokha Shayari on Love and Deceit

jhooth shayari
झूट पर उसके भरोसा कर लिया
धूप इतनी थी कि साया कर लिया
Shariq Kaifi
36 Likes
वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हमसे हमारी रात के जुगनू भी ले गया
Rajesh Reddy
23 Likes
हम भी तुमको धोखा दें ये ठीक नहीं
आँख के बदले आँख कहाँ तक जायज़ है
Gaurav Singh
खुला है झूठ का बाज़ार आओ सच बोलें
न हो बला से ख़रीदार आओ सच बोलें
Qateel Shifai
16 Likes
तुमको हम ही झूठ लगेंगे लेकिन दरिया झूठा है
पहले हमको चाँद मिला था फिर दरिया को चाँद मिला
Abhishar Geeta Shukla
13 Likes

Short Dhokha Shayari for Instagram Captions

आगे चलकर जिससे शादी करनी हो
पहले दिन से झूठ नहीं कहते उससे
Tanoj Dadhich
11 Likes
मैं पहले झूठ पर हकलाया उससे
फिर उस के बाद माहिर हो गया था
Shadab Javed
20 Likes
यक़ीन उसने दोबारा बना लिया लेकिन
वो मेरे ज़ेहन से धोखा नहीं निकाल सका
Vikram Gaur Vairagi
55 Likes
जब राह झूठ की चुनी तो लिफ़्ट भी मिली
और सच की राह में मिले पैरों के बस निशाँ
Tanoj Dadhich
10 Likes
वो बहुत चालाक है लेकिन अगर हिम्मत करें
पहला पहला झूट है उस को यक़ीं आ जाएगा
Zafar Iqbal
26 Likes

Beautiful Dhokha Shayari in Urdu

तुझे मेरी मोहब्बत पे ऐतबार हो जाना
मुमकिन नहीं है गधे का समझदार हो जाना
Bhavesh kumar
22 Likes
ऐ मुझ को फ़रेब देने वाले
मैं तुझ पे यक़ीन कर चुका हूँ
Athar Nafees
15 Likes
वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हमसे हमारी रात के जुगनू भी ले गया
Rajesh Reddy
33 Likes
ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है
नींद हमेशा मुझसे धोखा करती है

उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वग़ैरा करती है
Read Full
Tehzeeb Hafi
94 Likes
होंठ जो कहते है सब कुछ झूठ है
आँख सच कहती है उसकी बात सुन
Siddharth Saaz

Dhokha Shayari on Broken Trust and Heartbreak

मोहब्बत जब तलक होती नहीं है
मोहब्बत झूठ लगती है सभी को
Umesh Maurya
झूट वाले कहीं से कहीं बढ़ गए
और मैं था कि सच बोलता रह गया
Waseem Barelvi
31 Likes
चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो
आइना झूट बोलता ही नहीं
Krishna Bihari Noor
21 Likes
फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिए 'मजरूह'
शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने
Majrooh Sultanpuri
11 Likes
नज़ारे झूठ लगते हैं किनारे झूठ लगते है
अभी तेरे बिना ये चाँद तारे झूठ लगते हैं
Umesh Maurya

Poetic Dhokha Shayari for Relationships and Loss

ऐसा बदला हूँ तिरे शहर का पानी पी कर
झूट बोलूँ तो नदामत नहीं होती मुझ को
Shahid Zaki
16 Likes
अगर सच इतना ज़ालिम है तो हम से झूट ही बोलो
हमें आता है पतझड़ के दिनों गुल-बार हो जाना
Ada Jafarey
13 Likes
इश्क़ में धोखा खाने वाले बिल्कुल भी मायूस न हो
इस रस्ते में थोड़ा आगे मयख़ाना भी आता है
Abhas Nalwaya Darpan
13 Likes
वो नशा है के ज़बाँ अक़्ल से करती है फ़रेब
तू मिरी बात के मफ़्हूम पे जाता है कहाँ
Pallav Mishra
12 Likes
किसी के झूठ से पर्दा हटाकर
हमारा सच बहुत रोया था उस दिन
Shadab Asghar

Thoughtful Dhokha Shayari on Life Lessons

सँभलता हूँ तो ये लगता है जैसे
तुम्हारे साथ धोखा कर रहा हूँ
Shariq Kaifi
31 Likes
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल-फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
Faiz Ahmad Faiz
26 Likes
बस एक लम्हे के सच झूट के एवज़ 'फ़रहत'
तमाम उम्र का इल्ज़ाम ले गया मुझ से
Farhat Abbas Shah
14 Likes
धोखा है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है
Rajesh Reddy
56 Likes
फ़रेब दे गया इस सादगी से वो मुझको
कि जुर्म सारा ही मजबूरियों के सर आया
Harsh saxena
40 Likes

Sad Dhokha Shayari for Lonely Hearts

तुम मिरे साथ हो ये सच तो नहीं है लेकिन
मैं अगर झूट न बोलूँ तो अकेला हो जाऊँ
Ahmad Kamal Parvazi
25 Likes
तुम्हारी ख़ानदानी रस्म रस्म-ए-बेवफ़ाई है
हमीं पागल थे जो तुम पर भरोसा कर लिया हमने
Shajar Abbas
अब इन हुदूद में लाया है इंतिज़ार मुझे
वो आ भी जाएँ तो आए न ऐतबार मुझे
Khumar Barabankvi
26 Likes
दिल-ओ-नज़र को अभी तक वो दे रहे हैं फ़रेब
तसव्वुरात-ए-कुहन के क़दीम बुत-ख़ाने
Ali Sardar Jafri
13 Likes
मैंने बोला था याद मत आना
झूठ बोला था याद आओ मुझे
Ali Zaryoun
60 Likes

Inspirational Dhokha Shayari on Moving Forward After Betrayal

उसकी टीस नहीं जाती है सारी उम्र
पहला धोखा पहला धोखा होता है
Shariq Kaifi
27 Likes
तुम इन लबों की हँसी और ख़ुशी पे मत जाना
ये रोज़ रोज़ हमें भी फ़रेब देते हैं
Shadab Asghar
सच घटे या बढ़े तो सच न रहे
झूट की कोई इंतिहा ही नहीं
Krishna Bihari Noor
22 Likes
जैसे तुमने वक़्त को हाथ में रोका हो
सच तो ये है तुम आँखों का धोख़ा हो
Tehzeeb Hafi
124 Likes
फ़रेब दे के उसे जीतना गवारा नहीं
अगर वो दिल से हमारा नहीं हमारा नहीं
Azhar Nawaz
33 Likes