ये वो धूप है जिस से दिल को सिर्फ़ भिगोया जा सकता हैये वो नशेमन जिस में केवल ग़म को संजोया जा सकता हैजॉन की ग़ज़लें पढ़ने लगे हो तो फिर इतना ध्यान में रखनाजॉन की ग़ज़लें पढ़ लेने पर केवल रोया जा सकता है— Praveen Sharma SHAJAR