यूँँ तो हम जन्नत का रस्ता जानते हैंपर मय-ख़ाना उस से अच्छा जानते हैंडूब रहे हैं दरिया में तेरी ख़ातिरवरना हम तो पार उतरना जानते हैं— Praveen Sharma SHAJAR