जैसे सरताज मैं भी वैसी हूँ
प्रीत तो वो हैं मैं तो प्रीती हूँ
दिल को सरताज कर लिया मैं ने
आप को हार उन को जीती हूँ
और कोई भी रंग जँचता नहीं
जब से सरताज रंग रंगी हूँ
नज़्म सरताज ने सिखाई और
शाह बुल्ले से इश्क़ सीखी हूँ
— Prit
प्रीत तो वो हैं मैं तो प्रीती हूँ
दिल को सरताज कर लिया मैं ने
आप को हार उन को जीती हूँ
और कोई भी रंग जँचता नहीं
जब से सरताज रंग रंगी हूँ
नज़्म सरताज ने सिखाई और
शाह बुल्ले से इश्क़ सीखी हूँ
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