आप जिनके लिए तरसते हैं
वो किसी और ही पे मरते हैं
ये मोहब्बत तबाह करती है
बावले हैं जो 'इश्क़ करते हैं
ज़ुल्म है 'इश्क़ का नया मतलब
तो चलो आज ज़ुल्म सहते हैं
जी नहीं, कोई प्यार व्यार नहीं
सिर्फ़ हम बात वात करते हैं
शायरी जो है कोई खेल नहीं
आप ये कैसी बात करते हैं
तुम मरे जा रहे हो जिनपे "प्रीत"
क्या वो भी तुमसे 'इश्क़ करते हैं?
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