हम ने ये क्या देखा है
बादल प्यासा देखा है
तुम ने रोटी खाई है
हम ने चूल्हा देखा है
जिस को दुनिया कहा उस को
दुनिया जैसा देखा है
पानी के नाम पे हम ने सिर्फ़
ख़ाली मटका देखा है
आज ख़ुदा से मिलना था
उस को आता देखा है
दरिया की क़ीमत वो जाने
जिस ने सहरा देखा है
— Prit















