कटती न 'उम्र सारी ये यादों में आपकी
मिल जाती गर नज़र ये निगाहों में आपकी
सहरा-ए-दिल में बारिश-ए-खूँ होगी आज शब
आई है याद हमको महीनों में आपकी
ये कह के हमको मौत की दे दी गई सज़ा
दम कुछ नहीं हैं सुनिए दलीलों में आपकी
दिल से है जाओ'आशिक़-ए-शैदाई की दुआ
नक़्द-ए-हयात गुज़रे ये महलों में आपकी
जा-ए-नमाज़-ए-इश्क़ पे सज्दा अदा करो
मुश्किल शजर न आएगी राहों में आपकी
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