मिटा सकेंगे न ऐसे किसी भी झगड़े को
जब आप आग ही उगलेंगे एक दूजे को
ग़लत सही से किसी को नहीं है मतलब अब
बयान देते है सब सुर्ख़ियों में रहने को
तुम अपने आप को इक आईना दो तोहफ़े में
के ताके देख सको झूठ कहते चेहरे को
वो जिन से घर के मसाइल भी हल नहीं होते
सलाह देते हैं वो सारे ही महल्ले को
— Aadil Sulaiman















