जो आँख रखती नहीं इंफ़िआल से मतलब
उसे है क्या ही हराम-ओ-हलाल से मतलब
सफ़ेद-पोश हो और हो ख़याल बेहतर भी
रखेंगे फिर भी यहाँ लोग खाल से मतलब
नहीं ये देख के लगता है आज लोगों को
है आख़िरत के किसी भी सवाल से मतलब
— Aadil Sulaiman
उसे है क्या ही हराम-ओ-हलाल से मतलब
सफ़ेद-पोश हो और हो ख़याल बेहतर भी
रखेंगे फिर भी यहाँ लोग खाल से मतलब
नहीं ये देख के लगता है आज लोगों को
है आख़िरत के किसी भी सवाल से मतलब
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