mujhse to isi baat pe jhagda hai kisi ka | मुझ सेे तो इसी बात पे झगड़ा है किसी का

  - Ankit Maurya

मुझ सेे तो इसी बात पे झगड़ा है किसी का
ये याद रखा कर कि तू अपना है किसी का

मंजिल बता के जिसको यूँं इतरा रहा है तू
क्या भूल गया है कि वो रस्ता है किसी का

लायक नहीं इसके इसे सर पे न बिठाओ
दुनिया जिसे कहते हो तमाशा है किसी का

मैं नाम नहीं लूंगा पर इतना तो कहूंगा
सांसों पे मेरे जिस्म पे कब्ज़ा है किसी का

इक लड़की है दुनिया में जो दुनिया है किसी की
इक लड़का है दुनिया में जो अपना है किसी का

दुनिया कि जिसे पा के भी ठुकरा रहा हूँ मैं
पाना उसे तो आज भी सपना है किसी का

  - Ankit Maurya

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