bura hai haal is darja hamaara | बुरा है हाल इस दर्जा हमारा

  - Ankit Maurya

बुरा है हाल इस दर्जा हमारा
कोई भी शख़्स नइ होता हमारा

हमारे दरमियां दुनिया खड़ी है
बहुत मुश्किल है जां मिलना हमारा

उसे भी रास्ता कोई न देगा
वो जिसने रोका है रस्ता हमारा

अचानक कह दिया के फिर मिलेंगे
नहीं था ठीक फिर रुकना हमारा

रखी थी ले के कॉपी हम ने उसकी
ख़ुशी से झूम उठा बस्ता हमारा

तो क्या ये बात भी कहनी पड़ेगी?
तेरे बिन जी नहीं लगता हमारा

हमें है याद वो इक आख़िरी कॉल
और उस के बाद का रोना हमारा

तुम्हें तो सच में ऐसा लगता है ना?
कभी भी दिल नहीं दुखता हमारा

  - Ankit Maurya

Jashn Shayari

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