Taj Mahal Shayari - Poetic Verses Celebrating Love and Eternal Beauty

Explore a timeless collection of Taj Mahal Shayari that beautifully captures the essence of love, beauty, and the iconic symbol of romance. These poetic lines reflect the grandeur and emotional depth of the Taj Mahal.

Best Taj Mahal Shayari on Love and Beauty

सच की डगर पे जब भी रक्खे क़दम किसी ने
पहले तो देखी ग़ुर्बत फिर तख़्त-ओ-ताज देखा
Amaan Pathan
संगेमरमर की तुम कोई मूरत नहीं
इतनी ज्यादा भी तुम खूबसूरत नहीं

तुझको मेरी ज़रूरत नहीं है अगर
मुझको भी तेरी कोई जरूरत नहीं
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Abhishek Srivastava virral
जिन शाह को फ़क़त हो तलब तख़्त-ओ-ताज की
उनके लिए तो तख़्त के मानी है राबिया
Faiz Ahmad
नाम लिखी हैं तेरे ग़ज़लें कितनी मैंने
ताजमहल को कोई आख़िर गाता कैसे
Reet

Heart Touching Taj Mahal Shayari in Hindi

वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा
मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया
Rahat Indori
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ताजमहल फीका लगता था
जब तक तू उसके आगे थी
ZafarAli Memon
तुम बोलो क्या कर के दोगे
कुछ लोगों ने ताज बनाया
Rohan Hamirpuriya
कुछ तो थी बात मुहब्बत में तेरी शाहजहाँ
ताज अब कौन बनाता है बिछड़ने पे यहॉं
anupam shah

Emotional Taj Mahal Shayari on Romance and Eternity

उलझ करके तेरी ज़ुल्फ़ों में यूँ आबाद हो जाऊँ
कि जैसे लखनऊ का मैं अमीनाबाद हो जाऊँ

मैं यमुना की तरह तन्हा निहारूँ ताज को कब तक
कोई गंगा मिले तो मैं इलाहाबाद हो जाऊँ
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Ashraf Jahangeer
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किसी को पास रखना है किसी को छोड़ना होगा
उसी दिन इश्क तज दूंगा जहाँ दिल तोड़ना होगा
Kush Pandey ' Saarang '
इक शहनशाह ने बनवा के हँसी ताजमहल
हाथ कटवाए ग़रीबों के, हुनर छीन लिया
Daagh Aligarhi
ख़ूबसूरत प्यार की ही ये कहानी है बस
ताज दुनिया में मोहब्बत की निशानी है बस

मक़बरा तो मक़बरा ही मान लो तुम इसको
क़ब्र है मुमताज़ की अब तो बचानी है बस
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Manoj Devdutt

Beautiful Taj Mahal Shayari in Urdu

बनाओ ताजमहल के ब-जाए ताश महल
तमाम उम्र मुहब्बत करो गिराओ बनाओ
Charagh Sharma
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इक महज़ क़ब्रगाह ताजमहल
देख ली शान-ए-आगरा क्या है
Ajeetendra Aazi Tamaam
इश्क़ की एक कहानी भी है ये ताजमहल
ग़म जुदाई का सुनाती भी है ये ताजमहल

हाथ कटवा दे जो मा'सूम से मज़दूरों के
ख़ूँ-फ़िशानी की निशानी भी है ये ताजमहल
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A R Sahil "Aleeg"

Short Taj Mahal Shayari for Instagram Captions

हुस्न ऐसा है कि देखो तो लगे ताज-महल
इस पे वो शख़्स सँवरता भी ग़ज़ल जैसा है
Manazir Ashiq Harganvi
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ताज को मारता अगर ठोकर
ख़ुद ही दीवार बन गया होता
Udit bairaag
ख़ुद अपनी ज़ात में महसूर हो गया हूँ मैं
ये ज़ख़्म कौन सा है जिस में मुब्तिला हूँ मैं

सज़ा है जब से मेरे सर पे ताज शोहरत का
हर एक शख़्स की आँखों में खल रहा हूँ मैं
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Altaf Iqbal

Poetic Taj Mahal Shayari on Memories and Devotion

दिल्ली में आज भीक भी मिलती नहीं उन्हें
था कल तलक दिमाग़ जिन्हें ताज-ओ-तख़्त का
Meer Taqi Meer
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उदासी दूर होगी मेरी कब, कब
मेरे सिर पे ख़ुशी का ताज होगा
ABhishek Parashar
गाँव तज कर; अब नहीं होते रुआँसे
गाँव में इक घर बना कर क्या करेंगे
Aman G Mishra

Taj Mahal Shayari on Eternal Love

ये क़त्ल-ए-आम और बे-इज़्न क़त्ल-ए-आम क्या कहिए
ये बिस्मिल कैसे बिस्मिल हैं जिन्हें क़ातिल नहीं मिलता

वहाँ कितनों को तख़्त ओ ताज का अरमाँ है क्या कहिए
जहाँ साइल को अक्सर कासा-ए-साइल नहीं मिलता
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Asrar Ul Haq Majaz
मेरे होठों के तबस्सुम में ग़ज़ल देखोगे
ये मेरे साथ फ़क़त आज न कल देखोगे

कल तलक ख़्वाब में करता था मैं जिसकी तामीर
अब से कमरे में मेरे ताज-महल देखोगे
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Shayar Danish
ताजमहल का गारा चूने से नहीं लहू से बनता था
नींव में हम डलते हैं जिससे आप बड़े हो जाते हैं
Aatish Indori

Thoughtful Taj Mahal Shayari on Art and Emotions

एक कमी थी ताज-महल में
मैंने तिरी तस्वीर लगा दी
Kaif Bhopali
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ताज को कब तक निहारूँ बैठ तन्हा
यानी मुझ को भी बनाओ संगमरमर
Ganesh gorakhpuri
पास मेरे नहीं है ताज महल
इश्क़ है तो क़ुबूल कर ये ग़ज़ल
Meem Alif Shaz

Inspirational Taj Mahal Shayari for Romantic Moments

दिल ऐसा कि सीधे किये जूते भी बड़ों के
ज़िद इतनी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना
Munawwar Rana
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मैं जिस घर में रहता हूँ वो ताज महल है
मुझ को तेरी दौलत से क्या लेना देना
Meem Alif Shaz
छोड़कर अपना भी असर जाएंगे
या तो डूबेंगे या तो तर जाएंगे

प्रेम एक ताज की तरह ही तो हैं
इसके पीछे कितने ही सर जाएंगे
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Rishabh Katariya

Taj Mahal Shayari on History and Passion

मसनद-ओ-ताज या अक़दार का मोहताज नहीं
दिल वो हाकिम है जो दरबार का मोहताज नहीं
Wajid Husain Sahil
तुम मुझको इतना दीवाना मत समझो मेरी जानाँ
मैं कोई ताज नहीं बनवाने वाला तेरे ख़ातिर
Devansh gupta
इन आँखों को ताजमहल क्या भाएगा
इन आँखों ने उसका चेहरा देखा है
Ravi 'VEER'