Aman G Mishra

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@amangmishra

Aman G Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aman G Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

जिन लोगों पर मैं विश्वास जताता हूँ
उन लोगों से ही धोखा खा जाता हूँ

मैंने लोगों के चेहरे पढ़ रक्खे हैं
फिर भी उनकी बातों में आ जाता हूँ

Aman G Mishra

शबो रोज़ की चाकरी ज़िन्दगी की
मयस्सर हुईं रोटियाँ दो घड़ी की

नहीं काम आएँ जो इक दिन मशीनें
ज़रूरत बने आदमी आदमी की

कि कल शाम फ़ुरसत में आई उदासी
बता दी मुझे क़ीमतें हर खुशी की

किया क्या अमन जी ने बाइस बरस में
कभी जी लिया तो कभी ख़ुदकुशी की

ग़मों को ठिकाने लगाते लगाते
घड़ी आ गयी आदमी के ग़मी की

ये सारी तपस्या का कारण यही है
मिसालें बनें तो बनें सादगी की

Aman G Mishra

जिन लोगों पर मैं विश्वास जताता हूँ
उन लोगों से ही धोखा खा जाता हूँ

मैंने लोगों के चेहरे पढ़ रक्खे हैं
फिर भी उनकी बातों में आ जाता हूँ

Aman G Mishra

खुशमिज़ाजी यही कि जी रहा हूँ
और दुःख भी कि इस जहान में हूँ

Aman G Mishra

गाँव तज कर; अब नहीं होते रुआँसे
गाँव में इक घर बना कर क्या करेंगे

Aman G Mishra

ज़िन्दगी सब कारनामे जानती है
ज़िन्दगी से मुँह छिपा कर क्या करेंगे

Aman G Mishra

परिंदे नहीं हम मग़र पर हमारे
ज़मीं की हिफ़ाज़त करें आसमां से

Aman G Mishra

सारी हिम्मत टूट गयी, बच्चों से ये सुनकर
अब भूखे पेट गुज़ारा करने की हिम्मत है

फूंका घर, भूखे बच्चे, टूटी उम्मीदें, अब
मुझमें, रस्सी को फंदा करने की हिम्मत है

Aman G Mishra
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सुख़न की राह में बढ़ते मुसाफ़िर
सँभल कर, सामने कोहरा घना है

Aman G Mishra