saath chhoot jaane men waqt kitna lagta hai | साथ छूट जाने में वक़्त कितना लगता है

  - A R Sahil "Aleeg"

साथ छूट जाने में वक़्त कितना लगता है
आज के ज़माने में वक़्त कितना लगता है

बर्क़ जो गिराते हैं उनको क्या ख़बर होगी
आशियाँ बनाने में वक़्त कितना लगता है

तोड़ कर मेरे दिल को पूछते हैं वो मुझ से
दिल को दिल बनाने में वक़्त कितना लगता है

मुझ से वो अगर रूठे अपनी जान दे दूँगा
और जान जाने में वक़्त कितना लगता है

हो फ़रेब जिस में और बद्दुआ हो इंसाँ की
ऐसा धन कमाने में वक़्त कितना लगता है

मयकशी की जिसके भी पास में नहीं तहज़ीब
उस को डगमगाने में वक़्त कितना लगता है

रब्त ही न रखना तो सोचना ही क्या 'साहिल''इश्क़ भूल जाने में वक़्त कितना लगता है

  - A R Sahil "Aleeg"

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