sochte the ki banaayenge misaali tasveer | सोचते थे कि बनाएँगे मिसाली तस्वीर

  - A R Sahil "Aleeg"

सोचते थे कि बनाएँगे मिसाली तस्वीर
नक़्श खींचा तो बनी सिर्फ़ तुम्हारी तस्वीर

कल जो लगती थी हमें जान से प्यारी तस्वीर
आज दीवार को भी लगती है भारी तस्वीर

साफ़ दिखता था हर इक सिम्त से नक़्श-ए-हव्वा
हुस्न की हम ने कई बार निहारी तस्वीर

दोस्त मेरे तू मेरी बात सदा रखना याद
तोड़ के आती नहीं राज-कुमारी तस्वीर

माँग में भर न सका एक सितारा नक़्क़ाश
भर गया ग़ैर कोई माँग कुँवारी तस्वीर

कुछ तअल्लुक़ था ग़ज़ाला से हुआ वो भी ख़त्म
हम ने दरिया में बहा दी है तुम्हारी तस्वीर

हम ने हर वक़्त तुम्हें ऐसे ही पूजा 'साहिल'
पूजते जैसे हैं मंदिर में पुजारी तस्वीर

  - A R Sahil "Aleeg"

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