Meaning of

क़दर

qadar • قدر

मूल्य; क़ीमत; सराहना

value; worth; appreciation

قدر; قیمت; تعریف

Arabic

मिलने की तरह मुझ सेे वो पल भर नहीं मिलता दिल उस से मिला जिस सेे मुक़द्दर नहीं मिलता — Naseer Turabi
छू लेने दो नाज़ुक होंठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये क़ुदरत ने जो हम को बख़्शा है, वो सब सेे हसीं ईनाम हैं ये — Sahir Ludhianvi
कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन फिर इस के ब'अद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर — Nida Fazli
फिर एक रोज़ मुक़द्दर से हार मानी गई ज़बीन चूम के बोला गया "ख़ुदा हाफ़िज़" — Afkar Alvi
वो आए घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है कभी हम उन को कभी अपने घर को देखते हैं — Mirza Ghalib
किसी से कोई भी उम्मीद रखना छोड़ कर देखो तो ये रिश्ते निभाना किस क़दर आसान हो जाए — Waseem Barelvi
तुम अपने बारे में कुछ देर सोचना छोड़ो तो मैं बताऊँ कि तुम किस क़दर अकेले हो — Waseem Barelvi

मूल रूप से, 'क़दर' किसी चीज़ के आंतरिक मूल्य या क़ीमत को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अमूर्त गुणों जैसे प्रेम या सुंदरता की सराहना और उनकी क्षणभंगुर प्रकृति की पहचान को दर्शाता है।

कवि 'क़दर' का उपयोग क्षणों और भावनाओं की अनमोलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो उन चीज़ों की सराहना के महत्व को रेखांकित करता है जिन्हें अक्सर अनदेखा या हल्के में लिया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'क़दर' हमें जीवन के क्षणभंगुर खजानों को संजोने की याद दिलाता है।