Meaning of

क़ाएनात

qaa'inaat • قائنات

ब्रह्मांड; सृष्टि; जगत

universe; cosmos; creation

کائنات; کُلیات; تخلیق

Arabic

दिलासा देते हुए लोग क्या समझ पाते हम एक शख़्स नहीं काएनात हारे थे — Rakib Mukhtar
तू ने ये क्या ग़ज़ब किया मुझ को भी फ़ाश कर दिया मैं ही तो एक राज़ था सीना-ए-काएनात में — Allama Iqbal
कि हस्ब-ए-काएनात में जो मुस्कुरा रहा हूँ मैं ख़िज़ाँ में जैसे गुल खिला है मौसम-ए-बहार का — Raj Tiwari
ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला — Bashir Badr
दिल गया रौनक़-ए-हयात गई ग़म गया सारी काएनात गई — Jigar Moradabadi
चाँद फूल ख़ुशबू हुस्न में मज़ा तो है मगर बंदगी से अच्छा कुछ भी काएनात में नहीं — Meem Alif Shaz

क़ाएनात शब्द ब्रह्मांड की विशालता और रहस्य को उजागर करता है। अपने मूल अर्थ में, यह सम्पूर्ण सृष्टि, उस ब्रह्मांड का उल्लेख करता है जो मानव समझ से परे है। कविता ने इस शब्द को अनंतता, अज्ञात और सभी चीजों की परस्पर संबंधिता के विषयों को खोजने के लिए अपनाया है।

कवि अक्सर 'क़ाएनात' का उपयोग प्रेम की असीम प्रकृति या ज्ञान की अनंत खोज को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक व्यक्ति के भीतर के विशाल भावनात्मक परिदृश्य या जीवन की अनंत संभावनाओं का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'क़ाएनात' सीमित के भीतर अनंत को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह हमें महान योजना में हमारे स्थान पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।