Meaning of

क़नाअ'त

qana'at • قناعت

संतोष; संतुष्टि; स्वीकृति

contentment; satisfaction; acceptance

قناعت; اطمینان; قبولیت

Arabic

तीन लफ़्ज़ों की बात थी 'ज़ामी' काश हम लब हिला दिए होते — Parvez Zaami
आज आए हैं वो 'ज़ामी' मेरे घर बस तसव्वुर है हक़ीक़त कुछ नहीं — Parvez Zaami
जब तलक सूरज को ग्रहण लगे 'ज़ामी' चाँद का क़िस्सा सुनाओ अँधेरा है — Parvez Zaami
लोग रोते हैं किसलिए 'ज़ामी' मौत तो इल्तिफ़ात होती है — Parvez Zaami
आ गया ख़ुदा का ख़त 'ज़ामी' की ज़रूरत है — Parvez Zaami
हम क़लंदर-मिज़ाज हैं 'ज़ामी' हम कनाअत-शिआर होते हैं — Parvez Zaami
न ही लैला न ही मजनूँ मुहब्बत में शराफ़त कौन करता है मुहब्बत का ख़ज़ाना लूटते हैं सब क़ना'अत कौन करता हैं — Aatish Indori
मैं तो मुश्ताक़ हूँ उस दिन का अज़ल से 'ज़ामी' कब बपा हश्र हो कब उन का मैं जल्वा देखूँ — Parvez Zaami

क़नाअ'त एक आंतरिक शांति और स्वीकृति की स्थिति को दर्शाता है, जहाँ इच्छाएँ कृतज्ञता से संयमित होती हैं। कविता में, यह अक्सर जीवन की अपूर्णताओं की शांत स्वीकृति और सरलता में पाई जाने वाली एक शांत शक्ति को दर्शाता है।

कवि 'क़नाअ'त' का उपयोग विनम्रता और अनुग्रह के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर लालच और महत्वाकांक्षा के विपरीत होता है, संतोष के साथ जीए गए जीवन की सुंदरता को उजागर करता है।

कविता में क़नाअ'त स्वीकृति में पाए जाने वाले शांति की कोमल याद दिलाता है। यह हमें कम में संतुष्ट होने की कला सिखाता है।