Meaning of

क़फ़न

qafan • کفن

कफ़न; शव का वस्त्र; मृत्यु का प्रतीक

shroud; burial cloth; symbol of death

کفن; مردے کا لباس; موت کی علامت

Arabic

ख़ाक को ख़ाक से मिलने नहीं देती दुनिया मर भी जाएँ तो कफ़न बीच में आ जाता है — Ameer Imam
भौंचाल में कफ़न की ज़रूरत नहीं पड़ी हर लाश ने मकान का मलबा पहन लिया — Bedil Haidri
निकलते हैं कफ़न बांधे फ़ना होने की निय्यत से के संग एक ही उछालेंगे मगर अब के तबीअत से — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बा'द — Kaifi Azmi
सभी कुछ छूट जाएगा यहीं पर मियाँ होतीं नहीं जेबें कफ़न में — Siddharth Saaz
सुने जाते न थे तुम सेे मिरे दिन रात के शिकवे कफ़न सरकाओ मेरी बे-ज़बानी देखते जाओ — Fani Badayuni
जो दुपट्टा है कफ़न पर मेरे यार सुन लो कोई मैला न करे — Amaan Pathan

अपने मूल अर्थ में, 'कफ़न' उस वस्त्र को दर्शाता है जो शव को दफनाने से पहले ओढ़ाया जाता है, जीवन की अंतिमता का एक सरल परंतु गहन प्रतीक। कविता में, यह मृत्यु की अनिवार्यता, मानव अस्तित्व की विनम्रता और जीवन के परे की मौन यात्रा को उजागर करता है।

कवि अक्सर 'कफ़न' का उपयोग मृत्यु और जीवन की क्षणभंगुरता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह सांसारिक इच्छाओं के अंत, भाग्य की स्वीकृति, या समर्पण में प्राप्त अंतिम शांति का प्रतीक हो सकता है।

कफ़न, अपनी शांत सरलता में, हमें उस साझा नियति की याद दिलाता है जो समस्त मानवता को बांधती है। यह जीवन और उसकी अनिवार्य समाप्ति पर विचार करने का एक कोमल आह्वान है।