Meaning of

क़रीब-ए-मर्ग

qareeb-e-marg • قریب مرگ

मृत्यु के निकट; मरने के कगार पर

near death; on the verge of dying

موت کے قریب; مرنے کے قریب

Arabic

‘क़रीब-ए-मर्ग’ एक ऐसा भाव है जो जीवन के अंतिम क्षणों की नज़दीकी को दर्शाता है, जहाँ जीवन अस्तित्व के किनारे पर झूलता है। कविता में यह जीवन की नाज़ुकता और अंत के साथ आने वाली गहरी चुप्पी को पकड़ता है।

कवि अक्सर ‘क़रीब-ए-मर्ग’ का उपयोग मृत्यु और जीवन की क्षणभंगुरता के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह एक चिंतन का क्षण है, जहाँ आत्मा अपनी यात्रा पर विचार करती है। यह वाक्यांश जीवन की जीवंतता के विपरीत है, अपरिहार्य स्थिरता को उजागर करता है।

अपनी शांति में, ‘क़रीब-ए-मर्ग’ मानव स्थिति के बारे में बहुत कुछ कहता है। यह जीवन और मृत्यु के बीच के नाज़ुक संतुलन की याद दिलाता है।