Meaning of

क़स्द

qasd • قصد

इरादा; उद्देश्य

intention; purpose

ارادہ; مقصد

Arabic

दुआ में माँग लूँ मैं उस को लेकिन फ़क़त पाना मेरा मक़सद नहीं है — Shadab Asghar
या रब मुझ को अब हक़ रस्ता दिखला भी दे बे मक़्सद इंसाँ को इल्म-ए-रूहानी दे — ALI ZUHRI
जाओ तुम भी छोड़ कर इतना मगर सुन लो अब मेरे जीने का मक़सद कुछ नहीं बाक़ी — Shashank Tripathi
मक़्सद यही है जान तेरे प्यार के लिए आया हूँ तेरे कमरे में दीदार के लिए — Danish Balliavi
ये जो दीवार अँधेरों ने उठा रक्खी है मेरा मक़्सद इसी दीवार में दर करना है — Azm Shakri
दुआ में माँग लूँ मैं उस को लेकिन फ़क़त पाना मेरा मक़सद नहीं है — Shadab Asghar
मक़्सद सला-ए-आम है फिर एहतियात क्यूँँ उन सेे हुई है बात तो फिर इनसे बात क्यूँँ — Arohi Tripathi

क़स्द शब्द दिशा और उद्देश्य की भावना को समेटे हुए है। यह केवल एक योजना नहीं है, बल्कि एक दिल से किया गया इरादा है जो किसी के कार्यों को मार्गदर्शित करता है। कविता में, यह अक्सर आंतरिक संकल्प और दृढ़ता को दर्शाता है जो किसी व्यक्ति को उनके लक्ष्यों की ओर ले जाती है।

कवियों द्वारा 'क़स्द' का उपयोग भाग्य और दृढ़ संकल्प के विषयों को गहराई से समझने के लिए किया जाता है। यह अक्सर लक्ष्यहीनता के विपरीत होता है, इच्छाशक्ति की ताकत और दृष्टि की स्पष्टता को उजागर करता है। यह शब्द पूर्ति के मार्ग में संघर्षों और विजय को भी उजागर कर सकता है।

कविता में, 'क़स्द' आशा और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। यह हमारे भाग्य को आकार देने में इरादे की शक्ति की याद दिलाता है।