Meaning of

क़ाएम-ओ-दाइम

qaaem-o-daaim • قائم و دائم

स्थायी; शाश्वत

permanent; eternal

مستقل; ابدی

Arabic

रहे क़ाएम-ओ-दाइम अहद-ओ-पैमाँ पर कहाँ मिलते हैं ऐसे नस्ल-ए-आदम अब — A R Sahil "Aleeg"

क़ाएम-ओ-दाइम एक ऐसा भाव है जो समय की धारा के विरुद्ध स्थिरता और अटलता को दर्शाता है। यह किसी ऐसी चीज़ का प्रतीक है जो परिवर्तन के बावजूद स्थायी रहती है, जैसे प्रेम, सत्य या सौंदर्य, जो समय के साथ नहीं बदलते।

कवियों द्वारा 'क़ाएम-ओ-दाइम' का उपयोग अक्सर भावनाओं या सत्यों की शाश्वत प्रकृति को उजागर करने के लिए किया जाता है। इसे क्षणिक या अस्थायी अनुभवों के विपरीत रखा जा सकता है, जो कुछ भावनाओं या आदर्शों की स्थायी विशेषताओं पर जोर देता है। इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की स्थिरता या ब्रह्मांड की अपरिवर्तनीय प्रकृति का वर्णन करने के लिए भी किया जा सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'क़ाएम-ओ-दाइम' मानव आत्मा की स्थायी भावना का प्रमाण है। यह हमें उन शाश्वत सत्यों की याद दिलाता है जो हमें युगों के पार जोड़ते हैं।