Meaning of

क़ायल

qaayal • قائل

विश्वस्त; प्रभावित

convinced; persuaded

قائل; متاثر

Arabic

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है — Mirza Ghalib
शहर-वालों की मोहब्बत का मैं क़ायल हूँ मगर मैं ने जिस हाथ को चूमा वही ख़ंजर निकला — Ahmad Faraz
मैं उन के इश्क़ का काइल बड़ा हूँ दिवाने हिज्र में जो नाचते हैं — Rakesh Mahadiuree
एक दाना जिस की दानाई के हैं कायल सब जन सब खो कर उस ने सब पाने का लहजा सीखा है — Alankrat Srivastava
अब नाम नहीं काम का क़ाएल है ज़माना अब नाम किसी शख़्स का रावन न मिलेगा — Anwar Jalalpuri
कहने को तो है हुस्न भी इन्साफ़ का क़ाइल ये सच है तो फिर चाहने वालों को कभी चाह — Dharmesh bashar

मूल रूप से 'क़ायल' का अर्थ है किसी तर्क या विश्वास से प्रभावित होना। कविता में यह अक्सर एक गहरी परिवर्तनशीलता को दर्शाता है, जहां हृदय और मस्तिष्क एक नई सच्चाई या भावना के साथ संरेखित होते हैं, जिससे एक गहरा आंतरिक परिवर्तन होता है।

कवि 'क़ायल' का उपयोग जागरूकता या स्वीकृति के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह संदेह से विश्वास या प्रतिरोध से समर्पण तक की यात्रा को दर्शा सकता है। यह शब्द अक्सर भावनात्मक भार वहन करता है, जो प्रभावशाली शक्ति को उजागर करता है।

कविता में 'क़ायल' हमें संदेह और विश्वास के बीच के नाजुक नृत्य का पता लगाने के लिए आमंत्रित करता है। यह विश्वास की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रमाण है।