Meaning of

कोहर

kohar • کوہر

कोहरा; धुंध; कुहासा

fog; mist; haze

دھند; کہر; غبار

Unknown

इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए — Faiz Ahmad Faiz
मोहब्बत हो गई बदनाम जानी मचा है शहर में कोहराम जानी — Arohi Tripathi
कोहरा जो देखा उस ने ठिठराके मुझ सेे पूछा मौसम ये सर्द है या हसरत जली है कोई — Beybaar
कैसे मचा वहाँ पर कोहराम तुम बताओ किस ने किसे किया है नीलाम तुम बताओ — Manohar Shimpi
सुख़न की राह में बढ़ते मुसाफ़िर सँभल कर, सामने कोहरा घना है — Aman G Mishra
ये सर्द मौसम ये घनघोर कोहरा आओ ज़रा तुम गले से लगा लो — Vishal sharma
सूरज के आते ही कैसे छँटने लगता है कोहरा आ जाओ तुम रस्ते से अवरोध स्वयं हट जाएँगे — Atul K Rai
अगर हो कोहर-ए-वासर मुजस्सम कौन दिखता है हों जब गर्दिश में गर तारे तो हमदम कौन दिखता है — Ajeetendra Aazi Tamaam

कोहर रहस्य और अस्पष्टता में लिपटे हुए दुनिया की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर अनिश्चितता, अज्ञात, या वास्तविकता और सपनों के बीच के पर्दे का प्रतीक होता है।

कवि 'कोहर' का उपयोग रहस्य और आत्मनिरीक्षण की भावनाओं को उजागर करने के लिए करते हैं। यह स्मृति के कोहरे या भावनाओं के कुहासे का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कोहर हमें अनिश्चित और अदृश्य में सुंदरता को अपनाने के लिए आमंत्रित करता है।