Meaning of

ग़द्दार

gaddaar • خیرو

देशद्रोही; विश्वासघाती

traitor; betrayer

غدار; دھوکہ باز

Arabic

मुनाफ़िक़ दोस्तों से लाख बेहतर हैं ख़ुदा दुश्मन कि ग़द्दारी नवाबों से हुकूमत छीन लेती है — Unknown
हाँ मैं तो लिए फिरता हूँ इक सजदा-ए-बेताब उन से भी तो पूछो वो ख़ुदा हैं कि नहीं हैं — Hafeez Jalandhari
बे-गिनती बोसे लेंगे रुख़-ए-दिल-पसंद के आशिक़ तिरे पढ़े नहीं इल्म-ए-हिसाब को — Haidar Ali Aatish
हम ऐसा कहने वाले जब तलक है ग़ज़ल बंदूक़ पर भारी रहेगी — Ali Zaryoun
यूँंँ हक़ जताते मैं ग़ज़ल हूँ वो तख़ल्लुस है कोई बहरों में करते क़ैद मिसरे रब्त में होते नहीं — Priya omar
सिर झुकाऊँगा सब को भरोसा न था देख कर मैं तुझे ख़ुद-ब-ख़ुद झुक गया — Shubham Rai 'shubh'
जिस ने गंगा में वुज़ू कर के नमाज़े हैं पढ़ी वो कभी मुल्क के ग़द्दार नहीं हो सकते — Mohammad Aquib Khan

'ग़द्दार' शब्द गहरे विश्वासघात और धोखाधड़ी की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह किसी ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जिसने विश्वास तोड़ा है, अक्सर गंभीर परिणामों के साथ। कविता ने इस धारणा को विस्तारित किया है, 'ग़द्दार' को जटिल भावनाओं के व्यक्ति के रूप में चित्रित किया है, जो निष्ठा और स्वार्थ के बीच फंसा हुआ है।

'ग़द्दार' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम और राजनीति में विश्वासघात के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह टूटे हुए वादों और बिखरे हुए सपनों के लिए एक शक्तिशाली रूपक के रूप में कार्य करता है। यह शब्द निष्ठा और सम्मान के आदर्शों के विपरीत है, मानव की धोखे की क्षमता को उजागर करता है।

कविता में, 'ग़द्दार' मानव स्वभाव के काले रंगों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह हमें विश्वास की नाजुकता की याद दिलाता है।