महल में नहीं गर तो बस्ती में मिलतेहक़ीक़त नहीं तो कहानी में मिलतेये सर्दी तो तब भारी सर्दी में गिनतेतेरे बाल जब मेरी जर्सी में मिलते— Jagveer Singh