Meaning of

ग़म-ए-फ़िराक़

gham-e-firaq • غم فراق

वियोग का दुःख; जुदाई का ग़म

sorrow of separation; grief of parting

جدائی کا غم; فراق کا دکھ

Persian

ग़म-ए-फ़िराक में ता-उम्र अश्कबार रहे तुम्हारे बा'द मनाई नहीं ख़ुशी हम ने — Shajar Abbas
ग़म-ए-फ़िराक़ शजर मुझ पे इतना तारी हुआ ज़ईफी आ गई मुझ पर भरी जवानी में — Shajar Abbas
देख लेना ग़म-ए-फ़िराक़ में हम ख़ाक छानेंगे दश्त-ए-दामन की — Shajar Abbas

ग़म-ए-फ़िराक़ उस गहरे दुःख को पकड़ता है जो किसी प्रियजन से अलग होने के साथ आता है। कविता में, यह अनुपस्थिति से छोड़ा गया दर्दनाक खालीपन है, जो कभी साझा किए गए संबंध की गहराई का प्रमाण है। यह शब्द मौन आँसुओं और पुनर्मिलन की हृदय की लालसा को मूर्त रूप देता है।

कवि ग़म-ए-फ़िराक़ का उपयोग लालसा और हानि के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर खुशी और मिलन के शब्दों के साथ विपरीत किया जाता है, जो प्रेम की खट्टे-मीठे स्वभाव को उजागर करता है।

ग़म-ए-फ़िराक़ हृदय की गहराई से महसूस करने की क्षमता की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह प्रेम की अनुपस्थिति के सार्वभौमिक अनुभव की बात करता है, जो समय के गलियारों में गूंजता है।