Meaning of

ज़हरा

Zahra • زہرا

फूल; चमकदार; उज्ज्वल

flower; shining; bright

پھول; چمکدار; روشن

Arabic

दश्त-ए-बला से आएगी हलमिन की जब सदा हम चीख़कर पुकारेंगे लब्बैक या हुसैन — Shajar Abbas
ख़ुद को पर्दे में रखो तुम हो कनीज़-ए-ज़हरा अपनी शहज़ादी को माँ दर्स-ए-हया देती है — Shajar Abbas
क़ौल-ए-नबी है जो रखे ज़हरा से दुश्मनी रू-ए-ज़मीं पे चलना भी उस का हराम है — Almas Rizvi
हो जिस के साथ मेरा अग्द ऐ मेरे मालिक दुआ है तुझ सेे वो लड़की कनीज़-ए-ज़हरा हो — Shajar Abbas
कोई आसान नहीं मिस्ल-ए-ख़दीजा होना शर्त है इस के लिए मादर-ए-ज़हरा होना — Muawiyah Zaffar Ghazali Mustafai
अपनी बेटी को बताओ कि कनीज़-ए-ज़हरा बे रिदा बर सर-ए-बाज़ार नहीं फिरती हैं — Shajar Abbas

ज़हरा, अपनी मूल भावना में, सौंदर्य और चमक का प्रतीक है, जैसे खिलता हुआ फूल। कविता में, यह अक्सर पवित्रता और मासूमियत की दिव्य चमक को दर्शाता है, नाज़ुकता और शक्ति के बीच के संतुलन को पकड़ता है।

कवि 'ज़हरा' का उपयोग पवित्रता और अछूते सौंदर्य की छवियों को उभारने के लिए करते हैं। यह अक्सर गहरे विषयों के साथ विरोधाभास करता है, प्रतिकूलता के बीच मासूमियत की दृढ़ता को उजागर करता है।

कविता में ज़हरा पवित्रता के स्थायी आकर्षण का प्रमाण है। यह हमें याद दिलाता है कि सबसे अंधेरे समय में भी प्रकाश बना रहता है।